आषाढ़ शुक्ल पक्ष की हरिशयनी एकादशी की पावन कथा, जिससे चातुर्मास का शुभारम्भ होता है और भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में प्रविष्ट होते हैं।