गौड़ीय वैष्णव परंपरा के प्रार्थना-श्लोक, जिनमें गुरु, रूप गोस्वामी, श्रीराधा-कृष्ण, वैष्णवों और हरे कृष्ण महामंत्र की वंदना है।
गुरु और उपाध्याय को नमन करने वाला संक्षिप्त प्राकृत स्तोत्र, जो इन्द्रिय-संयम, जीवों की रक्षा और दशलक्षण धर्म में निष्ठा की स्तुति करता है।