यह एक भक्ति स्तोत्र है जिसमें भगवान हनुमान के पराक्रम, रामभक्ति, ज्ञान और आशीर्वाद का वर्णन है। इसे सद्गुरु श्री त्यागराज स्वामी की शिष्या पुष्पा ने रचा है।
यह एक भक्ति स्तोत्र है जो भगवान हनुमान की स्तुति करता है। इसमें हनुमान जी के गुणों, रामभक्ति और राम नाम के महिमा का वर्णन है।
यह संस्कृत स्तोत्र है जिसमें हनुमान जी के नामों से सिर से पैर तक शरीर के हर अंग की रक्षा की प्रार्थना की गई है। भक्त इसे सुरक्षा, दीर्घायु और सुख-शांति के लिए पढ़ते हैं।