यमुना तट पर दिव्य काव्य
जाप साहिब दसम ग्रंथ में गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रातःकालीन स्तुति-गीत है, जो अपने सम्पूर्ण 199 पदों में निराकार, कालातीत रचयिता की अनेक नामों से उस्तति करता है।