यह स्तोत्र भगवान के उन अलौकिक एवं अद्भुत अवतारों की स्तुति करता है जो मानव रूप में रहते हुए भी दिव्य शक्तियों को प्रकट करते हैं। इसमें भगवान राम और कृष्ण की लीलाओं का वर्णन करते हुए भक्त भाव से उनकी महिमा गाई गई है।