यह एक पवित्र बौद्ध मंत्र है जो हरी तारा (हरित तारा) से संबंधित है। इसके जाप से आयु, पुण्य, ज्ञान और पुष्टि (समृद्धि) की प्राप्ति होती है।
यह एक बौद्ध धारणी (रक्षा-मंत्र) है, जो आयु, स्वास्थ्य और ज्ञान की शुद्धि के लिए जपी जाती है, और सभी बाधाओं और दुर्गति से मुक्ति दिलाने वाली मानी जाती है।