तपस्वी रक्खित और सच्चे शुभ संकेत
स्कन्दपुराण का बारह श्लोकों का मङ्गल (मंगल ग्रह) स्तोत्र, जिसमें ऋण, दरिद्रता और मंगल-जनित कष्टों से मुक्ति की प्रार्थना है।
जैन चत्तारि मंगलं चार मंगलों का स्मरण है: अरिहंत, सिद्ध, साधु और केवली-प्रज्ञप्त धर्म।