यह एक प्राचीन बौद्ध सूत्र है जिसमें भगवान बुद्ध ने एक देवता के प्रश्न पर जीवन के सबसे उत्तम मंगल (शुभ) कार्यों और गुणों को सरल शब्दों में समझाया है।