पद्म पुराण में वर्णित अधिक मास (मलमास) के शुक्ल पक्ष की पद्मिनी (कमला) एकादशी की पावन कथा, जिसमें रानी पद्मिनी के व्रत से महाबली कार्तवीर्य अर्जुन (सहस्रबाहु) का जन्म हुआ था।