यह एक बौद्ध रक्षा-मंत्र (धारणी) है, जिसे 'सीततपत्रा' या 'श्वेत छत्रा' कहा जाता है। इसे बुरी आत्माओं, रोगों और विपत्तियों से बचाने के लिए जपा जाता है।