Bharat Devotion
Embroidered artwork for सीततपत्रा उष्णीष धारणी (श्वेत छत्रा मंत्र): Embroidered Buddha seated in meditation on a pink lotus, with a golden dharma wheel and a white stupa in the mountains

सीततपत्रा उष्णीष धारणी (श्वेत छत्रा मंत्र)

सीततपत्रा उष्णीष धारणी (श्वेत छत्रा मंत्र)

यह एक बौद्ध रक्षा-मंत्र (धारणी) है, जिसे 'सीततपत्रा' या 'श्वेत छत्रा' कहा जाता है। इसे बुरी आत्माओं, रोगों और विपत्तियों से बचाने के लिए जपा जाता है।

श्लोक

नमो सर्वबुद्धबोधिसत्त्वेभ्यः
Namo Sarva Buddha Bodhisattvebhyah

श्लोक 1

ओम् सर्वतथागतोष्णीष सीततपत्रे हूँ फट् हूँ मम हूँ नि स्वाहा
Om Sarva Tathagatoshnisha Sitatapatre Hum Phat Hum Mama Hum Ni Swaha

श्लोक 2

ओम् ऋषिगणप्रशस्त सर्वतथागतोष्णीष सीततपत्रे हूँ फट् हूँ मम हूँ नि स्वाहा
Om Rishi Gana Prashasta Sarva Tathagatoshnisha Sitatapatre Hum Phat Hum Mama Hum Ni Swaha

श्लोक 3

ओम् सर्वतथागतोष्णीष सीततपत्रे हूँ फट् हूँ मम हूँ नि स्वाहा
Om Sarva Tathagatoshnisha Sitatapatre Hum Phat Hum Mama Hum Ni Swaha

श्लोक 4

पूजन विधि एवं फलश्रुति (महत्व व लाभ)

शुभ दिन व तिथि

नित्य प्रतिदिन अथवा शुभ तिथियों (एकादशी, पूर्णिमा, प्रदोष) पर

उत्तम मुहूर्त / समय

ब्रह्म मुहूर्त (प्रातः 4 से 6 बजे) अथवा संध्या काल

पूजन सामग्री व अर्पण

शुद्ध घी का दीपक, धूप, ताजे पुष्प एवं नैवेद्य/जल

फलश्रुति एवं आध्यात्मिक लाभ
  • मानसिक शांति, आत्मिक उन्नति एवं घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार

पृष्ठभूमि

यह पाठ बौद्ध परंपरा के 'सीततपत्रा' (श्वेत छत्रा) नामक एक प्रसिद्ध रक्षा-धारणी का भाग है। यह महायान और वज्रयान बौद्ध धर्म में अत्यधिक पूजनीय है, और इसे विशेष रूप से बुरी शक्तियों, भय और संकटों से रक्षा के लिए जपा जाता है। इसका उपयोग प्रायः ध्यान, अनुष्ठान या संकट के समय किया जाता है, और यह माना जाता है कि यह मंत्र पहनने या जपने से अभय प्राप्त होता है।

क्या आप जानते हैं?

स्रोत

यह पाठ बौद्ध धर्म की ‘सीतातपत्रा’ (श्वेत छत्र) नामक रक्षा-विद्या का भाग है, जिसे तथागत के उष्णीष (सिर के ऊपरी भाग) से उत्पन्न माना जाता है।

पाठ का प्रयोग

यह मंत्र मुख्यतः विघ्नों, भूत-प्रेतों और ग्रह-दोषों से रक्षा के लिए जपा जाता है। इसमें ‘हूँ फट्’ और ‘स्वाहा’ जैसे बीजाक्षर शत्रुओं को नष्ट करने तथा कार्य-सिद्धि के लिए हैं।

संरचना

प्रथम श्लोक में सर्व बुद्धों और बोधिसत्त्वों को नमस्कार, फिर तीन बार मुख्य मंत्र – ‘ओम् सर्वतथागतोष्णीष सीततपत्रे हूँ फट्। हूँ मम हूँ नि स्वाहा।’ – दोहराया गया है। यह तिब्बती बौद्ध परंपरा में अत्यंत लोकप्रिय है।

अर्थ

‘सीततपत्र’ का अर्थ ‘श्वेत छत्र’ है, जो अज्ञान और पीड़ा से रक्षा करने वाला आवरण है। ‘तथागत’ बुद्धों का एक नाम है, ‘उष्णीष’ उनके सिर का उभार, जो ज्ञान का प्रतीक है।

महत्त्व

यह मंत्र महायान बौद्ध धर्म में ‘पञ्चरक्षा’ (पाँच रक्षा-ग्रंथों) में से एक माना जाता है। इसके नियमित पाठ से सांसारिक और आध्यात्मिक दोनों बाधाएँ दूर होती हैं।

Buddha की संपूर्ण स्तुति एवं पाठ

Buddha

Buddha के सभी पाठ देखें →

बौद्ध धर्म से और

सभी देखें