यह छह अक्षरों वाला मंत्र तिब्बती बौद्ध परंपरा में अवलोकितेश्वर (करुणा के बोधिसत्व) का मूल मंत्र है। इसे जपने से करुणा और शांति की भावना जागृत होती है।