यह एक प्रसिद्ध दोहा है जो हमें सिखाता है कि जो काम कल करना है, उसे आज करो, और जो आज करना है, उसे अभी करो। क्योंकि पल भर में प्रलय आ सकती है, फिर करने का समय नहीं मिलेगा।