पद्म पुराण में वर्णित आषाढ़ कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी की पावन कथा, जिसमें महर्षि मार्कण्डेय के उपदेश से यक्ष हेममाली श्वेत कुष्ठ (कोढ़) के भयानक रोग से मुक्त हुआ था।