Bharat Devotion

अनाहत नाद

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

बिना किसी आघात के भीतर स्वतः गूंजने वाली दिव्य ध्वनि

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

संस्कृत 'अनाहत' (जो बजाया न गया हो) + 'नाद' (ध्वनि)।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

गहन ध्यान में साधक को सुनाई देने वाला वह आंतरिक नाद जो मन को शांत करता है।

अनाहत नाद का उल्लेख इन लेखों में