बोधिचित्त
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
सार्वभौमिक करुणा से जागृत हृदय-मन
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
संस्कृत 'बोधि' (जागृति, ज्ञानोदय) तथा 'चित्त' (हृदय-मन) से।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
समस्त सचेतन प्राणियों को मुक्ति तक ले जाने हेतु ज्ञानोदय प्राप्त करने की परहितकारी इच्छा।