Bharat Devotion

ब्रह्म मुहूर्त

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

ब्रह्म की बेला, भोर का शुभ समय

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

संस्कृत 'ब्रह्म' (पवित्र, सृष्टिकर्ता) + 'मुहूर्त' (लगभग 48 मिनट की अवधि) से।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

परंपरा में इसे सूर्योदय से पहले रात्रि का अंतिम भाग माना जाता है, जो उससे लगभग 96 मिनट पहले आरंभ होता है। इसे प्रार्थना, अध्ययन और संकल्प के लिए सबसे शांत समय माना जाता है।

ब्रह्म मुहूर्त का उल्लेख इन लेखों में