Bharat Devotion

दासोह

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

अपनी कमाई में से समाज और जरूरतमंदों को निःस्वार्थ समर्पण

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

संस्कृत 'दासोऽहम्' (मैं सबका सेवक हूँ)।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

श्रम से अर्जित धन को दूसरों की सेवा में अर्पित करने का दिव्य भाव।

दासोह का उल्लेख इन लेखों में