Bharat Devotion

मन चंगा तो कठौती में गंगा

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

हृदय की पवित्रता ही सभी तीर्थों से बढ़कर है

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

गुरु रविदास की लोकोक्तिपरक शिक्षा: 'मन' तथा 'चंगा' (शुद्ध, स्वस्थ)।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

यह दर्शाता है कि आंतरिक करुणा, ईमानदारी तथा मानसिक शुद्धता के बिना बाहरी स्नान व्यर्थ है।

मन चंगा तो कठौती में गंगा का उल्लेख इन लेखों में