मीरी-पीरी
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
लौकिक व आध्यात्मिक सत्ता
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
फ़ारसी 'मीर' (शासक) और 'पीर' (आध्यात्मिक गुरु) से; गुरु हरगोबिंद साहिब ने दो तलवारें धारण कर यह सिद्धांत प्रस्तुत किया।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
यह सिद्धांत दर्शाता है कि धर्म व राजनीति अलग नहीं, बल्कि अत्याचार के विरुद्ध खड़े होने हेतु धार्मिक शक्ति आवश्यक है।