पंज ककार
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
'क' से आरंभ होने वाली पांच वस्तुएं
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
'पंज' (पांच) + 'ककार' ('क' अक्षर वाली वस्तुएं) से — गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा निर्धारित पांच अनिवार्य खालसा आस्था चिह्न: केश, कंघा, कड़ा, किरपान, तथा कछहरा।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
प्रत्येक ककार का व्यावहारिक तथा प्रतीकात्मक अर्थ है — केश प्रकृति के डिज़ाइन की स्वीकृति दर्शाते हैं, किरपान न्याय हेतु खड़े होने की तत्परता दर्शाती है — साथ मिलकर एक दृश्य, स्पष्ट सिख पहचान बनाते हैं।