Bharat Devotion

प्रदोष

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

संध्याकाल का वह पावन समय जो समस्त दोषों का शमन करता है

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

संस्कृत 'प्र' (विशिष्ट) तथा 'दोष' (विकार/रात्रि का आरंभ)।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

त्रयोदशी तिथि की गोधूलि वेला में भगवान शिव और नंदी की आराधना का विशेष काल।

प्रदोष का उल्लेख इन लेखों में