Bharat Devotion

वाहेगुरु

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

विस्मयकारी परमात्मा जो अज्ञान के अंधकार को मिटाते हैं

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

गुरमुखी 'ਵਾਹਿ' (अद्भुत/अगम्य) तथा 'ਗੁਰੂ' (प्रकाशक) से बना।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

सिख धर्म का मूल मंत्र, जो परमात्मा की असीम महिमा के प्रति विस्मय तथा कृतज्ञता व्यक्त करता है।

वाहेगुरु का उल्लेख इन लेखों में