ताल्लपाक अन्नमाचार्य का तेलुगु संकीर्तन, जिसमें तिरुमला की सात पहाड़ियाँ श्रीहरि वेंकटेश्वर का साक्षात निवास बताई गई हैं।
अन्नमाचार्य की संस्कृत कीर्तना, जिसमें घुँघरू और माखन वाले बाल कृष्ण (गोपालबाल) का तिरुमला-निवासी हरि के रूप में ध्यान है।