आत्मा की परमात्मा से एकाकार होने की छः क्रमिक आध्यात्मिक अवस्थाएं
यह पाठ लिंगायत परंपरा में गुरु, लिंग और जंगम के तीन रूपों तथा उनके आपसी संबंधों का संक्षिप्त वर्णन करता है। यह शिवभक्तों को उनकी आध्यात्मिक साधना में मार्गदर्शन देने के लिए है।