ऋणमुक्ति के लिए महागणपति का स्तोत्र, जिसमें तीनों सन्ध्याओं में छह मास के पाठ से ऋण-मुक्ति का वचन है।
स्कन्दपुराण का बारह श्लोकों का मङ्गल (मंगल ग्रह) स्तोत्र, जिसमें ऋण, दरिद्रता और मंगल-जनित कष्टों से मुक्ति की प्रार्थना है।