रूपांतरण की कथा
मज्झिम निकाय 86 का बौद्ध रक्षा-पाठ, जिसमें अर्हत अंगुलिमाल प्रसव-पीड़ा से जूझती माता और उसके शिशु की कुशलता की कामना करते हैं।