श्री वेंकटेश सुप्रभातम् अपने स्तोत्रम्, प्रपत्ति और मंगलाशासनम् सहित: तिरुमला में भगवान वेंकटेश्वर को जगाने वाला प्रभाती स्तोत्र।
यह एक भक्तिपूर्ण स्तोत्र है जिसकी रचना श्री वेदान्तदेशिक ने की है। इसमें भगवान अच्युत (विष्णु) को सत्य और शरण के रूप में वर्णित किया गया है, तथा उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए विनम्र भाव से प्रार्थना की गई है।
यह स्तोत्र भगवान के उन अलौकिक एवं अद्भुत अवतारों की स्तुति करता है जो मानव रूप में रहते हुए भी दिव्य शक्तियों को प्रकट करते हैं। इसमें भगवान राम और कृष्ण की लीलाओं का वर्णन करते हुए भक्त भाव से उनकी महिमा गाई गई है।