Tibetan Buddhism
कथा
अवलोकितेश्वर, करुणा के बोधिसत्व
अवलोकितेश्वर ने प्रतिज्ञा की कि जब तक प्रत्येक प्राणी दुख से मुक्त न हो जाए वे विश्राम नहीं करेंगे, तथा उनकी सहस्र भुजाएं तथा ग्यारह सिर इसी प्रतिज्ञा से ही उत्पन्न हुए।
पद्मसंभव और तिब्बत का शमन
पद्मसंभव कमल से चमत्कारिक रूप से जन्मे, तिब्बत की आत्माओं को शमित किया, सामये मठ स्थापित किया, तथा द्वितीय बुद्ध कहलाए।