उच्छिष्ट गणपति, गणेश के तान्त्रिक रूप, के १०८ नामों का स्तोत्र, जो यति श्रीरामानन्देन्द्र सरस्वती स्वामिगल् की रचना है।
उच्छिष्टगणपति की उपासना की तान्त्रिक पद्धति का आरम्भ: पूर्वकृत्य, प्रायश्चित्त और पंचगव्य-शुद्धि का श्लोक।
उच्छिष्टगणपति पञ्चाङ्ग का आरम्भ: इसकी अनुक्रमणिका और उच्छिष्टगणपति का नवार्ण मन्त्र।