गुरुद्वारा
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
गुरु का द्वार
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
'गुरु' और 'द्वारा' (द्वार) के मेल से बना — वह स्थान जहाँ गुरु ग्रंथ साहिब स्थापित होता है।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
हर गुरुद्वारा लंगर, सेवा और समानता का केंद्र होता है — इसके द्वार सभी धर्मों व जातियों के लिए खुले होते हैं।