हुकम
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
परमात्मा की सर्वोपरि रज़ा और ईश्वरीय विधान
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
अरबी 'हुक्म' (आदेश, आज्ञा, अधिकार) से।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
हुकम (भाणा) को प्रसन्नतापूर्वक स्वीकार करते हुए जीना अहंकार को विलीन कर परम शांति लाता है।