Bharat Devotion

ईश्वर

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

प्रभु, परम नियंता

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

संस्कृत धातु 'ईश्' से — स्वामित्व, शासन, या नियंत्रण — जो ईश्वर के व्यक्तिगत, शासक पक्ष को दर्शाता है।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

वेदांत चिंतन में, ईश्वर ब्रह्म (निराकार परम तत्व) है जिसे गुणों तथा व्यक्तित्व सहित देखा जाता है — वह ईश्वर जिससे प्रार्थना की जाती है, जो समस्त अस्तित्व के निर्व्यक्तिक आधार से भिन्न है।

ईश्वर का उल्लेख इन लेखों में