लिंग
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
प्रतीक, चिह्न
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
संस्कृत 'लिंग' (चिह्न) से — लिंगायतों हेतु, शिव के निराकार, सर्वव्यापी वास्तविकता का साकार प्रतीक, कोई मूर्ति नहीं।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
प्रत्येक लिंगायत जन्म से ही अपना खुद का इष्टलिंग धारण करता है, जो मंदिर के बजाय पूजा को व्यक्तिगत, वहनीय, तथा जातिविहीन बनाता है।