निर्वाण
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
तृष्णा, क्रोध तथा मोह की अग्नियों का शमन
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
संस्कृत 'निर्' (बाहर) तथा 'वा' (फूँकना) से। इच्छा की ज्वाला को बुझाना।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
बौद्ध धर्म का परम आध्यात्मिक लक्ष्य: अडिग आंतरिक शांति तथा पुनर्जन्म का अंत।