नितनेम
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
दैनिक नियम
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
'नित' (दैनिक) + 'नेम' (नियम, अनुशासन) से — प्रत्येक सिख द्वारा प्रातः तथा सायं पढ़ी जाने वाली बाणियों का निश्चित समूह।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
नितनेम में प्रातःकालीन जपजी साहिब, जाप साहिब, तथा तव प्रसाद सवैये, सांयकालीन रहरास साहिब, तथा रात्रि का कीर्तन सोहिला सम्मिलित है — सिख आध्यात्मिक जीवन की दैनिक रीढ़।