सिद्धशिला
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
मुक्त आत्माओं का धाम
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
'सिद्ध' (प्राप्त, मुक्त) और 'शिला' (शिला) से बना; जैन ब्रह्मांडविज्ञान में लोक के शिखर पर स्थित, जहाँ पूर्णतः मुक्त आत्माएँ सदैव निवास करती हैं।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
सिद्धशिला स्वर्ग नहीं, बल्कि पुनर्जन्म चक्र से परे एक स्थान है — वहाँ पहुँचे आत्माएँ पुनः कभी जन्म नहीं लेतीं, शाश्वत, असीम चेतना में स्थिर रहती हैं।