तीर्थयात्रा
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
पवित्र तीर्थ की यात्रा
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
'तीर्थ' (घाट, पार करने का स्थान) और 'यात्रा' (यात्रा) से बना; उन पवित्र स्थलों की यात्रा जिन्हें सांसारिक तथा दिव्य लोकों के बीच पार करने का स्थान माना जाता है, जो पुण्य, प्रायश्चित, या किसी व्रत की पूर्ति हेतु की जाती है।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
पारंपरिक तीर्थयात्रा की शारीरिक कठिनाई — पैदल तय की गई लंबी दूरी — स्वयं आध्यात्मिक अनुशासन का हिस्सा मानी जाती थी, न कि मात्र दूर करने योग्य साजो-सामान संबंधी बाधा।