Bharat Devotion

वेद

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

ज्ञान; पवित्र विद्या

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

संस्कृत 'विद्' (जानना) से; हिंदू धर्म के सबसे प्राचीन तथा सर्वोच्च प्रामाणिक ग्रंथ — ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, तथा अथर्ववेद — जिन्हें श्रुति माना जाता है, मनुष्य द्वारा रचित नहीं बल्कि सीधे प्रकट।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

प्रत्येक वेद में चार परतें हैं — संहिता (मंत्र), ब्राह्मण (कर्मकांड व्याख्या), आरण्यक (वन-ग्रंथ), तथा उपनिषद (दर्शन) — जो बाह्य कर्मकांड से आंतरिक चिंतन की ओर बढ़ती हैं।

प्रमुख वेद पाठ व भजन

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वेद का उल्लेख इन लेखों में

अर्थ, धार्मिक महत्व और पवित्र परंपराएं

दिव्य प्रेम का योग

आंडाल और मार्गशीर्ष व्रत की कथा

स्कन्द पुराण में वर्णित कार्तिक शुक्ल पक्ष की देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी की पावन कथा, जिस दिन भगवान विष्णु चार माह की योगनिद्रा से जागते हैं, चातुर्मास समाप्त होता है और तुलसी विवाह का आरम्भ होता है।

भविष्य पुराण में वर्णित पौष शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी की पावन कथा, जिसमें महर्षि लोमश के उपदेश से राजा सुकेतुमान और रानी शैव्या को सुयोग्य तेजस्वी पुत्र की प्राप्ति हुई थी।

तमिलनाडु में भगवान मुरुगन के छह पावन शक्ति धाम