यह एक भक्तिपूर्ण स्तोत्र है जिसकी रचना श्री वेदान्तदेशिक ने की है। इसमें भगवान अच्युत (विष्णु) को सत्य और शरण के रूप में वर्णित किया गया है, तथा उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए विनम्र भाव से प्रार्थना की गई है।
यह आठ श्लोकों का स्तोत्र है, जिसमें भगवान अच्युत (विष्णु) के विभिन्न नामों से गुणगान करते हुए दुःखों से मुक्ति की प्रार्थना की गई है।
यह आठ श्लोकों का एक भजन है जो भगवान विष्णु के विभिन्न रूपों, विशेषकर श्रीकृष्ण और श्रीराम, की स्तुति करता है। इसे नियमित रूप से पढ़ने से भक्त की इच्छाएँ पूरी होती हैं और भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
यह आठ श्लोकों का एक स्तोत्र है जिसे श्रीधर वेंकटेश ने लिखा है। इसमें भगवान के नाम की शक्ति का वर्णन है, जो पापों को नष्ट करती है और संकट में सहायता करती है।