शिरडी के साईबाबा की मराठी आरती, जिसकी रचना उनके भक्त माधवराव अडकर ने की; इसमें चरणों में विश्राम और साईं की कृपा की प्रार्थना है।
यह एक मराठी भाषा में रचित भजन है जिसमें भक्त देवी दुर्गा (महिषासुरमर्दिनी) की स्तुति करते हुए उनसे जीवन के कष्टों से मुक्ति की प्रार्थना करता है।
आरती के बाद गाई जाने वाली मराठी प्रार्थना: संत नामदेव का 'घालीन लोटांगण', समर्पण के श्लोक, हरे राम महामंत्र और गणपति का 'मोरया' जयघोष।