अहिंसा
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
समस्त जीवन के प्रति सार्वभौमिक अहानि तथा सम्मान
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
संस्कृत 'अ' (नहीं) तथा 'हिंसा' (हिंसा, हानि की इच्छा) से।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
जैन धर्म का सर्वोच्च नैतिक स्तंभ: अहिंसा परमो धर्मः — प्रत्येक जीवात्मा के प्रति सम्मान।