Bharat Devotion

अनुभव मंटप

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

आध्यात्मिक अनुभव का सभागार

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

कन्नड़/संस्कृत 'अनुभव' (प्रत्यक्ष अनुभव) तथा 'मंटप' (सभागार) से निर्मित।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

12वीं शताब्दी में कल्याण में बसवण्णा द्वारा स्थापित, यह विश्व की सबसे प्रारंभिक दर्ज सभाओं में से एक थी जहाँ हर जाति तथा लिंग के भक्त समान रूप से आध्यात्मिक सत्य पर विचार-विमर्श करते थे।

अनुभव मंटप का उल्लेख इन लेखों में