Bharat Devotion

चक्र

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

ऊर्जा का गतिशील चक्र अथवा केंद्र

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

संस्कृत धातु 'चक्' (गति करना/घूमना)।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

मूलाधार से सहस्रार तक स्थित सात सूक्ष्म ऊर्जा केंद्र, जहाँ चेतना का विस्तार होता है।

चक्र का उल्लेख इन लेखों में

कबीर पंथ सिखाता है कि तीन लोकों से परे सत्य का लोक सतलोक सतपुरुष का शाश्वत धाम है, जो केवल दीक्षित भक्ति द्वारा प्राप्य है।

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शुद्धिकरण, नवीकरण तथा मठ-अनुष्ठान का तीन-दिवसीय तिब्बती नववर्ष, जिसकी जड़ें बौद्ध-पूर्व बॉन परंपरा में हैं तथा जो शताब्दियों में हिमालयी बौद्ध धर्म के केंद्रीय पर्व के रूप में ढला।

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