Bharat Devotion

गुरु

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

अंधकार दूर करने वाला

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

संस्कृत 'गु' (अंधकार/अज्ञान) तथा 'रु' (दूर करने वाला) से — एक आध्यात्मिक शिक्षक जो शिष्य को अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाता है।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

लगभग प्रत्येक भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के केंद्र में, गुरु-शिष्य संबंध को शास्त्रीय ज्ञान तथा अनुभवजन्य साक्षात्कार के संप्रेषण का प्राथमिक माध्यम माना जाता है, जो केवल ग्रंथ पढ़ने से भिन्न है।

गुरु का उल्लेख इन लेखों में