इष्टलिंग
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
हृदय पर धारण किया जाने वाला व्यक्तिगत पावन लिंग
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
संस्कृत 'इष्ट' (प्रिय/उपास्य) + 'लिङ्ग' (परमात्मा का प्रतीक)।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
शरीर को ही देवालय मानकर अपनी हथेली पर इष्टलिंग की पूजा करने का विधान।