Bharat Devotion

काल

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

समय; साक्षात मृत्यु

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

संस्कृत 'काल' (समय) से; कबीर के ब्रह्मांडविज्ञान में, संपूर्ण दृश्यमान ब्रह्मांड — स्वर्ग व नरक सहित — का साकार शासक, जिसकी पकड़ से केवल सचमुच जागृत आत्मा ही अमरलोक में मुक्त होती है।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

कबीर की दृष्टि में देवता तथा स्वर्गीय सुख भी काल के अधिकार क्षेत्र में आते हैं — यह एक क्रांतिकारी दावा है कि सच्ची मुक्ति स्वर्ग के हर संभावित रूप के भीतर नहीं, बल्कि उससे परे है।

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