Bharat Devotion

कर्म

शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)

मन, वाणी और शरीर द्वारा किया गया कोई भी कार्य

व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)

संस्कृत धातु 'कृ' (करना)।

आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ

कार्य और कारण का शाश्वत नियम — जैसा बीज बोया जाता है, वैसा ही फल प्राप्त होता है।

कर्म का उल्लेख इन लेखों में