शरण
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
शरणागत भक्त
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
संस्कृत/कन्नड़ 'शरण' (आश्रय, समर्पण) से।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
एक लिंगायत संत-भक्त हेतु प्रयुक्त शब्द — बसवण्णा, अक्क महादेवी तथा अल्लमा प्रभु सभी शरण कहलाते हैं, जो जाति, लिंग या सामाजिक स्थिति से ऊपर शिव के प्रति समर्पण पर बल देता है।