तुलसी
शाब्दिक अर्थ (Shabdartha)
जिसकी कोई तुलना न हो — परम पावन दिव्य वनस्पति
व्युत्पत्ति एवं धातु मूल (Vyutpatti)
संस्कृत 'तुला' (तुलना) से परे, अत्यंत पवित्र पौधा।
आध्यात्मिक भावार्थ व संदर्भ
भगवान विष्णु की प्रिय सहचरी, जिसके बिना भगवान का कोई भी भोग स्वीकार नहीं होता।